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हिमाचल में भारी बारिश का कहर, ऊना में स्कूल-कॉलेज बंद; सिरमौर में 3 मजदूर मलबे में दबे

➤ 15 घंटे की बारिश से हिमाचल में 350 से ज्यादा सड़कें बंद, कई जिलों में जलभराव और भूस्खलन

➤ सिरमौर के कमरऊ में चट्टानों के नीचे 3 मजदूर दबे, बुधवार सुबह से सर्च ऑपरेशन जारी

➤ ऊना के बंगाणा में स्कूल-कॉलेज बंद, आज 7 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बनकर बरसा है। बीती शाम और रात हुई भारी बारिश से शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी समेत कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेशभर में 350 से ज्यादा सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गई हैं।

बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला शहर में पेड़ और पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण पांच से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचा है। वहीं सोलन और सिरमौर के निचले इलाकों में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया।

सिरमौर में चट्टानों के नीचे दबे 3 मजदूर

सिरमौर जिले के बागनाधार के कमरऊ में मंगलवार दोपहर बाद करीब 4 बजे बड़ा हादसा हुआ। यहां चूना पत्थर की खान में अचानक लैंडस्लाइड होने से दो ट्रक और एक टिप्पर मलबे की चपेट में आ गए। इस दौरान खान में काम कर रहे तीन मजदूर चट्टानों और मलबे के नीचे दब गए।

हादसे के बाद मौके पर लगातार बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरती रहीं। अस्थिर हालात के कारण मंगलवार देर शाम तक राहत एवं बचाव अभियान शुरू नहीं किया जा सका।

बुधवार सुबह सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दल मलबे और चट्टानों को हटाकर मजदूरों की तलाश में जुटे हैं। समय बीतने के साथ दबे मजदूरों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है, हालांकि अभी उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कांगड़ा में नक्की खड्ड के तेज बहाव में फंसी गाड़ी

कांगड़ा जिले के परागपुर की कलोहा सड़क पर नक्की खड्ड में अचानक जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव के कारण एक गाड़ी खड्ड में फंस गई।

स्थानीय लोगों ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों को बरसात के दौरान खड्डों और नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

ऊना के बंगाणा में स्कूल-कॉलेज बंद

भारी बारिश के कारण ऊना जिले के बंगाणा सब डिवीजन में बुधवार को सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने खराब मौसम और संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया है।

बंगाणा क्षेत्र में बारिश के बाद डुमखर खड्ड भी उफान पर आ गई। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और खड्डों के आसपास अनावश्यक आवाजाही नहीं करने की अपील की है।

15 घंटे में प्रदेशभर में बारिश का असर

बीते करीब 15 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसे इस मानसून सीजन में एक साथ सामने आई बड़ी बारिश जनित घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

बारिश के कारण प्रदेश में 350 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन के कारण सड़कें खोलने में भी चुनौती सामने आ रही है।

घरों और दुकानों में घुसा पानी

भारी बारिश से सोलन, सिरमौर और शिमला के कई निचले क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। परवाणू और कसौली क्षेत्र भी बारिश से प्रभावित हुए हैं।

परवाणू में हिमफेड के बॉटलिंग प्लांट में भी बारिश का पानी घुस गया। वहीं मंडी के धर्मपुर क्षेत्र में भी भारी बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

मंडी में पंडोह-गोहर सड़क पर भूस्खलन

मंडी जिले में पंडोह-गोहर सड़क पर छपराहन के पास भूस्खलन हुआ। सड़क पर मलबा और चट्टानें आने से यातायात प्रभावित हुआ। लोगों को मलबे वाले हिस्से से पैदल सड़क पार करते हुए देखा गया।

बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर लगातार पत्थर और मलबा गिरने से वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।

आज 7 जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को हिमाचल के सात जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर शामिल हैं।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

20 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में यलो अलर्ट की चेतावनी है। वहीं 21 अगस्त को कांगड़ा और मंडी में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

23 अगस्त से कमजोर पड़ेगा मानसून

22 अगस्त को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके बाद 23 अगस्त से मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। मौसम साफ होने के साथ कई क्षेत्रों में धूप खिल सकती है।

फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और नदी-नालों, खड्डों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।